जिंदगी के सफर में जब कोई अपना, जिस पर हम जान छिड़कते हैं, वही पीठ पीछे खंजर घोंप दे, तो दिल पूरी तरह टूट जाता है। धोखा (Dhoka) एक ऐसा शब्द है जो किसी भी इंसान को अंदर से खोखला कर देता है। चाहे वो प्यार में मिला धोखा हो या मतलबी दोस्तों और रिश्तेदारों की फरेबी फितरत, धोखे का दर्द सहना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे वक्त में जब इंसान अपने जज्बातों को किसी से कह नहीं पाता, तो Dhoka Shayari in Hindi उसके दिल की आवाज बनती है।
जब कोई अपना विश्वास तोड़ता है, तो खामोशी सबसे बड़ी सजा बन जाती है। लेकिन शायरी के जरिए आप अपनी उस घुटन और दर्द को लफ्जों में बयां कर सकते हैं। अगर आपको भी प्यार में, दोस्ती में या किसी मतलबी रिश्ते में धोखा मिला है, तो यह पोस्ट आपके लिए ही है।
इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं 195+ Best Dhoka Shayari in Hindi का बिल्कुल फ्रेश और एक्सक्लूसिव कलेक्शन। यहाँ आपको Matlabi Rishte Dhoka Shayari, Pyar Me Dhoka Shayari, विश्वास पर धोखा शायरी, धोकेबाज शायरी और 2-Line धोखा शायरी पढ़ने को मिलेगी, जिसे आप अपने व्हाट्सएप स्टेटस या इंस्टाग्राम पर शेयर कर सकते हैं।
Matlabi Rishte Dhoka Shayari (मतलबी रिश्ते धोखा शायरी)
रिश्तों की बुनियाद जब मतलब पर टिकी हो, तो उनका टूटना तय होता है। मतलबी लोगों के लिए खास तौर पर लिखी गई ये धोखा शायरी:
मतलब की इस दुनिया में हर रिश्ता एक व्यापार है,
धोखा देना ही अब लोगों का सबसे सच्चा प्यार है।
काम था तो हम उनके लिए रातों-रात खुदा बन गए,
मतलब निकलते ही वो हमसे हमेशा को जुदा बन गए।
हमने तो अपनों को हमेशा दिल के बेहद करीब रखा था,
पर उनका हर एक रिश्ता तो सिर्फ मतलब से टिका था।
जरूरतों के हिसाब से यहाँ लोग अपने चेहरे बदलते हैं,
मतलबी रिश्तों में लोग अपनों को ही कुचलते हैं।
जिन्हें हमने अपने हर सुख-दुख का साथी माना था,
उनका मकसद तो सिर्फ हमारा फायदा उठाना था।
मीठी बातों के पीछे छिपे फरेब को हम समझ न पाए,
मतलबी रिश्तों की राहों में हम बहुत बुरी तरह भरमाए।
जब तक पैसे थे पास तो सारे रिश्ते बहुत गहरे थे,
गरीबी आते ही अपनों के होठों पर लग गए पहरे थे।
बेमतलब की इस दुनिया में कोई अपना नहीं होता,
मतलबी इंसान कभी किसी का सच्चा सपना नहीं होता।
अपनापन जताकर उन्होंने हमारी पीठ में खंजर उतार दिया,
मतलबी रिश्तों ने हमारे हंसते हुए दिल को मार दिया।
अब किसी रिश्ते पर ऐतबार करने का मन नहीं करता,
मतलबी लोगों से धोखा खाकर यह दिल नहीं भरता।
फरेब का मुखौटा लगाकर वो वफा का दावा करते हैं,
मतलबी लोग अक्सर अपनों के ही घाव हरा करते हैं।
जो कल तक हमारे बिना एक पल भी नहीं रह पाते थे,
आज वो ही मतलबी लोग हमें देखकर मुंह फेर जाते हैं।
रिश्ते निभाने की कस्में तो बस एक झूठा दिखावा थीं,
उनकी हर एक मुस्कुराहट में धोखे का ही छलावा थीं।
दुनिया की भीड़ में हमने भी एक सच्चा इंसान ढूंढा था,
पर किस्मत तो देखो, वो भी निकला बस एक स्वार्थी बंदा था।
मतलबी रिश्तों से तन्हाई हजार गुना अच्छी होती है,
कम से कम अकेलेपन की हर एक बात सच्ची होती है।
Pyar Me Dhoka Shayari (प्यार में धोखा शायरी)
प्यार में मिला धोखा इंसान की रूह को चीर देता है। जब आशिक फरेबी निकल जाए, तो दिल से बस यही आवाज निकलती है:
हमने तो वफ़ा की थी अपनी जान से भी ज्यादा,
उसने धोखा दे दिया भूलकर हर एक सच्चा वादा।
प्यार के बदले जिसने दिया मुझे सिर्फ तन्हाई का तोहफा,
उसी बेवफा पर मैंने लुटा दिया था अपना हर एक मौका।
दिल में बसाकर उसने हमें खामोशी से निकाल दिया,
सच्चे प्यार का उसने धोखे से क्या खूब सिला दिया।
बहुत गुमान था हमें अपनी गहरी और सच्ची मोहब्बत पर,
पर उसने तो रुला दिया हमें सिर्फ एक ही ठोकर पर।
प्यार का अंजाम इतना दर्दनाक होगा कभी सोचा न था,
मैंने इस टूटे दिल को कभी गैरों के लिए रोता न था।
जिसे दिल की धड़कन माना था उसने ही इसे तोड़ दिया,
प्यार के खेल में उसने हमें तन्हा रास्तों पर छोड़ दिया।
बेवफाई का जहर उसने इतनी मीठी बातों से पिलाया,
कि हमने प्यार में धोखा खाकर भी खुद को ही सताया।
तुम्हारी दी हुई जुदाई का जख्म मेरे सीने में आज भी हरा है,
प्यार में मिला यह धोखा मेरी तकदीर का सबसे बड़ा डरा है।
काश प्यार में फरेब की कोई भी गुंजाइश न होती,
तो आज मेरे इस रोते हुए दिल की यह हालत न होती।
वादों का क्या था वो तो हवा के झोंके में बिखर गए,
प्यार में धोखा खाकर हम दर्द की राहों में ठहर गए।
जिसे सबसे ज्यादा चाहा उसी ने ही सबसे ज्यादा रुलाया,
प्यार में धोखे का यह कैसा खौफनाक मंजर हमें दिखाया।
तुम्हारी यादों के सहारे ही कट रही है अब यह फानी जिंदगी,
प्यार में मिला धोखा बन गया है मेरी आखिरी और सच्ची बंदगी।
हमने तो अपनी हर सांस उसके झूठे प्यार के नाम कर दी थी,
और उसने जाते-जाते हमारी जिंदगी में सिर्फ उदासी भर दी थी।
फरेबी निगाहों से उसने मेरे मासूम दिल को लूट लिया,
सच्चे प्यार का वो नाजुक सा धागा पल भर में टूट गया।
अब किसी से भी सच्ची मोहब्बत करने का कोई शौक नहीं,
प्यार में धोखा खाने के बाद अब दिल में कोई खौफ नहीं।
Vishwas Par Dhoka Shayari (विश्वास पर धोखा शायरी)
भरोसा जब टूटता है, तो इंसान अंदर से बिखर जाता है। विश्वासघात (Betrayal of trust) के दर्द को बयां करती ये शायरी:
ऐतबार किया था जिस पर अपनी खुद की जान की तरह,
उसने ही हमें लूट लिया किसी पक्के बेईमान की तरह।
विश्वास की डोर को उसने इतनी बेदर्दी से काट दिया,
हमने जो भी कमाया था, उसने धोखे से सब बांट दिया।
भरोसा कांच की तरह होता है जो एक बार टूट जाए तो जुड़ता नहीं,
विश्वास पर धोखा देने वाला इंसान कभी लौटकर मुड़ता नहीं।
हमने आंखें बंद करके उनकी हर एक बात पर ऐतबार किया,
और उन्होंने हमारे उसी विश्वास का चौराहे पर व्यापार किया।
दर्द इस बात का नहीं कि उसने मुझे जिंदगी से छोड़ दिया,
तकलीफ तो यह है कि उसने मेरा सबसे गहरा विश्वास तोड़ दिया।
विश्वासघात का घाव कभी भी आसानी से भरता नहीं है,
धोखा खाने के बाद यह दिल किसी पर फिर मरता नहीं है।
झूठी कसमों पर हमने अपना सब कुछ हंसकर लुटा दिया,
विश्वास पर धोखा देकर उसने हमें अपनी राहों से मिटा दिया।
जिसे हमने अपना मानकर दिल के सारे राज बताए थे,
उसी ने हमारे विश्वास को गैरों के सामने सरेआम रुलाए थे।
भरोसा जीतने में तो पूरी जिंदगी लग जाती है यारों,
पर उसे तोड़ने में सिर्फ एक धोखा ही काफी होता है यारों।
मैं उस फरेबी इंसान की मासूमियत पर बहुत यकीन करता था,
मुझे क्या पता था कि वो मेरे ही विश्वास का खून करता था।
अब तो खुद की परछाई पर भी ऐतबार करने से डर लगता है,
विश्वास पर धोखा खाने के बाद हर शख्स झूठा सा लगता है।
जो भरोसा तोड़े उसे जिंदगी में कभी माफ मत करना,
ऐसे धोखेबाजों से फिर कभी अपने दिल को साफ मत करना।
तुम्हारी बेईमानी ने मुझे अंदर से पूरा खोखला कर दिया है,
विश्वास की हत्या करके तुमने मुझे हमेशा के लिए तन्हा कर दिया है।
विश्वास पर चोट लगती है तो आवाज बिल्कुल नहीं आती,
पर सीने के अंदर की वो टीस कभी भी खत्म नहीं हो पाती।
हमने तो अपना हर एक सपना उनके विश्वास पर सजाया था,
पर उन्होंने तो हमें धोखा देने का ही मन पक्का बनाया था।
Matlabi Rishte Shayari (मतलबी रिश्ते शायरी)
आजकल रिश्ते दिल से नहीं, जरूरतों से निभाए जाते हैं। इस दिखावे और मतलब के दौर पर कुछ गहरी पंक्तियां:
जहाँ जरूरत खत्म होती है वहां सारे रिश्ते टूट जाते हैं,
मतलबी दुनिया में लोग पल भर में हमेशा के लिए रूठ जाते हैं।
रिश्ते निभाने का हुनर अब किसी के पास नहीं बचा है,
मतलबी रिश्तों ने बस हर तरफ झूठ का जाल रचा है।
इंसान की असली पहचान तो उसके बुरे वक्त में होती है,
मतलबी रिश्ते देखकर ही अक्सर लोगों की आंख रोती है।
हमदर्दी का दिखावा करना आज के लोगों की फितरत है,
मतलबी रिश्तों से दूर रहना ही अब सबसे बड़ी हिकमत है।
जो अपने होने का सबसे ज्यादा गुरूर दिखाते हैं महफिल में,
वही मतलबी रिश्ते सबसे पहले छोड़ जाते हैं मुश्किल में।
पैसों के तराजू पर ही आजकल सारे रिश्ते तौले जाते हैं,
मतलब न हो तो लोग बिना कुछ कहे ही मुंह मोड़े जाते हैं।
रिश्ते वो नहीं जो सिर्फ काम आने पर ही याद किए जाएं,
मतलबी रिश्ते वो हैं जो फायदा देखकर पास खींचे जाएं।
अपनापन तो सिर्फ कहानियों और किताबों में रह गया है,
मतलबी रिश्तों का एक भारी सैलाब अब दुनिया में बह गया है।
दिखावे की इस दुनिया में सच्चाई कहीं दूर छुप गई है,
मतलबी रिश्तों की आग में इंसानियत पूरी तरह झुलस गई है।
जिसे हमने दिल के सबसे करीब और बहुत अपना माना था,
उनका हर एक रिश्ता तो सिर्फ जरूरत का एक बहाना था।
मतलबी लोगों के पास अक्सर बहुत सारे दोस्त होते हैं,
पर सच्चाई तो यह है कि वो अकेलेपन में बहुत रोते हैं।
किसी के काम आओ तो वो आपको पलकों पर बिठाता है,
काम खत्म होते ही वो मतलबी रिश्ता अपनी औकात दिखाता है।
इन झूठे और मतलबी रिश्तों से तो तन्हाई ही बहुत भली है,
जिसमें कम से कम किसी भी तरह की कोई फरेबी खली नहीं है।
बहुत भारी पड़ता है मतलबी रिश्तों का यह झूठा बोझ ढोना,
इससे बेहतर है अकेले ही जिंदगी की राहों पर तन्हा होना।
अब किसी को अपना बनाने से पहले हजार बार सोचते हैं हम,
मतलबी रिश्तों की बेरुखी को देखकर अंदर से रोते हैं हम।
Bikharte Rishte Shayari (बिखरते रिश्ते शायरी)
जब कोई गहरा रिश्ता टूटने की कगार पर हो, तो दिल की तड़प शब्दों में कुछ इस तरह उतरती है:
एक छोटे से झूठ ने हमारे सारे सच्चे रिश्ते बिखेर दिए,
हंसते खेलते आशियाने में आज गमों के घने अंधेरे कर दिए।
गलतफहमियों ने रिश्तों की बुनियाद को ही खोखला कर दिया,
बिखरते हुए रिश्तों ने हमें जिंदगी में बिल्कुल अकेला कर दिया।
जो रिश्ते कल तक हमारी हर एक सांस की धड़कन हुआ करते थे,
आज वो ही बिखरते रिश्ते बस खामोशी से तड़पाया करते हैं।
डोर जब कमजोर हो तो हवा के हल्के झोंके से भी टूट जाती है,
बिखरते रिश्तों में अपनों की ही परछाई अक्सर रूठ जाती है।
संभालते-संभालते हाथ से रेत की तरह फिसल गए वो सारे लोग,
बिखरते रिश्तों ने हमें दे दिया जिंदगी भर का एक भारी रोग।
कितना दर्द होता है जब अपना ही कोई धीरे-धीरे दूर जाने लगे,
बिखरते हुए रिश्ते जब आंखों के सामने ही आंसू बहाने लगे।
दूरियों ने रिश्तों की मिठास को पूरी तरह से कड़वा कर दिया,
बिखरते रिश्तों ने दिल को तन्हाइयों के गहरे समंदर में भर दिया।
अब न मनाने की ख्वाहिश रही और न ही रूठने का कोई हक रहा,
बिखरते रिश्तों में सिर्फ और सिर्फ एक अनकहा सा शक रहा।
धागा एक बार टूट जाए तो उसमें हमेशा के लिए गांठ पड़ जाती है,
बिखरते रिश्तों की सच्चाई अक्सर इंसान को बहुत ज्यादा डराती है।
हमने तो अपनी तरफ से हर कोशिश की थी उन्हें रोकने की,
पर बिखरते रिश्तों को शायद आदत हो गई थी हमें टोकने की।
दरारें जब दीवारों की जगह सीधे दिलों में आ जाएं सनम,
तो बिखरते रिश्तों को बचाना नामुमकिन हो जाता है हर कदम।
खामोशी ने रिश्तों की बची-खुची जान भी निकाल कर रख दी,
बिखरते रिश्तों ने हमारी किस्मत की लकीर ही बिगाड़ कर रख दी।
जो कभी एक-दूसरे के बिना एक पल भी गुजार नहीं पाते थे,
आज वो बिखरते रिश्तों के साए में एक-दूसरे को नहीं सुहाते थे।
तन्हाई बेहतर है उन बिखरते और उलझे हुए रिश्तों से आज,
जो पल-पल बस तकलीफ देते हैं और छीन लेते हैं सिर का ताज।
बिखरते रिश्तों की आवाज कभी भी कानों को सुनाई नहीं देती,
बस रूह के अंदर की वो चीख कभी भी कहीं से दिखाई नहीं देती।
Dhoka Shayari 2 Line (धोखा शायरी 2 लाइन)
सोशल मीडिया (WhatsApp/Instagram) पर कम शब्दों में अपने दिल का गहरा दर्द बयां करने के लिए 2-लाइन धोखा शायरी:
जिसे अपना समझा उसी ने गैरों सा बुरा सुलूक किया,
मेरे सच्चे प्यार का उसने बीच चौराहे पर मज़ाक किया।
धोखे की फितरत ही है हमेशा मीठी जुबान में आना,
और अपनों का ही इस्तेमाल करके उन्हें दूर भगाना।
आंसुओं की अब कोई भी कीमत नहीं रही इस शहर में,
धोखे का जहर भरा है अब यहां हर एक शख्स की नजर में।
मुस्कुराहट के पीछे छिपे गहरे फरेब को मैं पढ़ न सका,
उसने मुझे धोखा दिया और मैं जिंदगी में आगे बढ़ न सका।
जो दिल के सबसे पास थे वही आज सबसे दूर हो गए,
धोखे के गम में हमारे सारे हसीन ख्वाब बिल्कुल चूर हो गए।
हमने भी वफ़ा की थी उनसे पूरी ईमानदारी के साथ,
पर उन्होंने धोखा दे दिया हमें बड़ी ही समझदारी के साथ।
खामोश हैं हम क्योंकि दिल पूरी तरह से टूट चुका है,
हमारा अपना ही हमसफर हमें धोखे से लूट चुका है।
धोखे की इस महफिल में हम अकेले ही खड़े रह गए,
सारे अपने तो बस एक मीठे और झूठे ख्वाब से बह गए।
अब किसी के आने या जाने का मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता,
धोखा खाने के बाद यह दिल अब किसी के लिए नहीं धड़कता।
सांसें चल रही हैं पर अंदर से इंसान खत्म हो चुका है,
धोखे का यह गहरा वार उसे पूरी तरह से चकनाचूर कर चुका है।
तेरी बेवफाई का दर्द अब मुझसे और सहा नहीं जाता,
धोखा खाकर इस फरेबी दुनिया में अब रहा नहीं जाता।
जिसे हमने अपना खुदा माना था इस छोटी सी जिंदगी में,
उसी ने धोखा देकर हमें छोड़ दिया तन्हाई की बंदगी में।
दर्द जब हद से गुजरता है तो फिर कोई आवाज नहीं आती,
धोखे की यह नमी आंखों से कभी भी आसानी से नहीं जाती।
राहों में अकेले चलते-चलते हम बहुत बुरी तरह थक गए हैं,
धोखे के इस भारी बोझ को सहते-सहते हम खुद को भूल गए हैं।
एक बार लौट आओ कि मेरी सांसें अब थमने लगी हैं,
धोखे की रातों में आंखें मेरी आंसुओं से जमने लगी हैं।
Dhoka Shayari Boy (धोखा शायरी बॉय)
लड़के अक्सर अपना दर्द खामोशी से सहते हैं। जब एक लड़के का दिल टूटता है या उसे धोखा मिलता है, तो ये पंक्तियां उसके दर्द को आवाज देती हैं:
लड़कों के आंसुओं की यहाँ दुनिया में कोई कद्र नहीं करता,
धोखा देकर भी कोई कभी उनके दिल का गहरा दर्द नहीं पढ़ता।
मेरी खामोशी के पीछे एक बहुत ही खौफनाक शोर छिपा है,
एक धोखा खाए हुए लड़के का दर्द हर मोड़ पर आकर रुका है।
जिम्मेदारियों के बोझ तले हमने अपने हर धोखे को छुपा लिया,
एक आम लड़के की तरह हमने भी गम को हंसकर दबा लिया।
कोई नहीं समझता इन आंखों में छिपी हुई उस गहरी नमी को,
हम रोज छुपाते हैं खुद में अपनी जिंदगी की इस बड़ी कमी को।
हंसी मजाक करने वाला लड़का आज बिल्कुल खामोश और शांत है,
क्योंकि उसके सीने में धोखा खाया हुआ एक टूटा सा जहान है।
हम लड़के रोते नहीं हैं बस अंदर ही अंदर चुपचाप बिखर जाते हैं,
धोखे के अंधेरों में अपनी किस्मत से लड़ते हुए निखर जाते हैं।
मेरी उदासियों का हिसाब भला कौन रखेगा इस फरेबी दुनिया में,
मैं तो सिर्फ एक धोखा खाया लड़का हूं तन्हाई की इन गलियों में।
रातों को उठ-उठकर अकेले कमरे में छुप-छुप कर रोना पड़ता है,
धोखे का यह भारी कर्ज एक लड़के को रोज आंसुओं से धोना पड़ता है।
किसी को रत्ती भर भी फिक्र नहीं कि मेरे सीने में क्या जल रहा है,
एक धोखा खाए लड़के का वक्त कैसे तन्हाई और गम में ढल रहा है।
हम लड़कों की जिंदगी में दर्द की कोई भी छुट्टी नहीं होती मेरे दोस्त,
धोखा खाकर मुस्कुराना हमारी मजबूरी है जो कभी कम नहीं होती दोस्त।
टूटे हुए दिल के साथ भी घर की जिम्मेदारी हर हाल में निभानी है,
यही हम जैसे धोखा खाए हुए लड़कों की एक सबसे सच्ची कहानी है।
आंसुओं को पीने का हुनर हम लड़कों ने बहुत अच्छे से सीख लिया है,
धोखे को अपने ही सीने में दफन करना हमने मुकम्मल जीत लिया है।
मेरी मायूसी का कोई साथी नहीं है इस बहुत बड़ी और जालिम दुनिया में,
मैं एक धोखा खाया परिंदा हूं जो कैद है अपनी ही खामोशी की दुनिया में।
खुशियों का झूठा दिखावा करना हमारी रोज की एक पक्की आदत है,
एक धोखा खाए लड़के की जिंदगी में उसका दर्द ही उसकी इबादत है।
कभी फुर्सत मिले तो मेरी आंखों के खामोश धोखे को जरूर पढ़ना,
बड़ा मुश्किल होता है एक लड़के के लिए टूटकर फिर से यूं संभलना।
Dhoka Shayari Love (धोखा शायरी लव)
मोहब्बत में मिला धोखा इंसान से उसकी जीने की चाहत छीन लेता है। लव में मिले धोखे पर गहरी और इमोशनल शायरी:
लव के नाम पर उसने सिर्फ फरेब का एक घिनौना खेल खेला,
मुझे बीच समंदर में डूबने के लिए छोड़ दिया बिल्कुल अकेला।
मोहब्बत में हमने तो अपनी हर सांस उनके नाम की कर दी थी,
और उन्होंने धोखे से हमारी जिंदगी में सिर्फ तन्हाई भर दी थी।
बहुत गुमान था हमें अपनी इस सच्ची और रूही लव स्टोरी पर,
पर उसने तो हमें रुला दिया सिर्फ एक ही धोखे की थ्योरी पर।
जिसे दिल में बसाया था उसी ने लव की राहों में कांटे बिछा दिए,
धोखा देकर उसने मेरे हंसते हुए चेहरे पर आंसुओं के दाग सजा दिए।
प्यार का अंजाम इतना खौफनाक और दर्दनाक होगा कभी सोचा न था,
मैंने अपने लव को इस तरह धोखे की आग में जलता हुआ कभी देखा न था।
बेवफाई का जहर उसने इतनी मोहब्बत से मुझे रोज पिलाया है,
कि मैंने लव में धोखा खाकर भी सिर्फ उसी को अपना बताया है।
लव में हारकर हम अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी बाजी ही हार गए,
सच्चा प्यार करके भी हम धोखे और तन्हाइयों के उस पार गए।
तुम्हारी दी हुई जुदाई और धोखे का जख्म आज भी जिंदा है,
मेरी यह सच्ची मोहब्बत तेरी इस बेवफाई पर बहुत शर्मिंदा है।
लव में इंसान की कोई भी अपनी हैसियत नहीं रह जाती है,
जब महबूब धोखा दे दे तो कोई भी खुशी पास नहीं आती है।
हमने तो अपनी हर खुशी सिर्फ उसके एक लव पर न्योछावर कर दी,
पर उसने धोखा देकर हमारी तकदीर ही पूरी तरह से बर्बाद कर दी।
लव की इस उदास महफिल में हम हार कर चुपचाप बैठ गए,
सच्चा प्यार करने वाले अक्सर धोखे से टूट कर तन्हा रह गए।
काश मोहब्बत में धोखे की कोई भी छोटी सी गुंजाइश न होती,
तो आज मेरे इस रोते हुए दिल की लव में यह बुरी हालत न होती।
लव की राहों में सिर्फ और सिर्फ कांटे और फरेब ही मिले हमें,
धोखा खाने के बाद अब किसी से मोहब्बत का कोई शौक नहीं रहा हमें।
तुम्हारी यादों और धोखे के सहारे ही कट रही है अब यह लव लाइफ,
तेरी बेवफाई बन गई है मेरे सीने में चुभने वाली एक तीखी नाइफ।
लव में दर्द और धोखे को सहना सबसे बड़ी और भारी सजा होती है,
जहाँ महबूब अपना नहीं होता वही धोखे की सबसे बड़ी वजह होती है।
Jhooth Aur Dhoka Shayari (झूठ और धोखा शायरी)
झूठ और फरेब के बलबूते पर बनाए गए रिश्ते ज्यादा दिन नहीं टिकते। झूठ और धोखे के इस दर्दनाक सच को बयां करती शायरी:
उसके हर एक झूठ को हमने आंखें बंद करके सच मान लिया,
धोखा खाना ही जैसे हमने अपना मुकद्दर और नसीब जान लिया।
झूठ की बुनियाद पर टिके हुए रिश्ते एक दिन जरूर ढह जाते हैं,
धोखा देने वाले अक्सर बाद में अपनी तन्हाई में बहुत पछताते हैं।
कितनी आसानी से उसने झूठ बोलकर मेरा सारा यकीन तोड़ दिया,
धोखे की दलदल में फंसाकर उसने मुझे तन्हाई के मोड़ पर छोड़ दिया।
झूठ की मिठास से उसने मेरे दिल को बहुत बुरी तरह ठग लिया,
धोखे का खंजर घोंपकर उसने मेरी जिंदगी का हर सुकून छिन लिया।
जो इंसान अपनी हर बात में सिर्फ और सिर्फ झूठ मिलाता हो,
वो धोखा देने में भला कैसे किसी से पीछे रह जाता हो।
झूठे वादों का महल एक न एक दिन तो जरूर गिरना ही था,
धोखे का यह काला सच मेरे सामने एक दिन तो आना ही था।
झूठ बोलकर तुमने शायद कुछ पल के लिए मुझे अपना बना लिया,
पर इस धोखे से तुमने हमेशा के लिए मेरा विश्वास गंवा दिया।
अब हर एक शख्स की बातों में मुझे सिर्फ झूठ ही नजर आता है,
धोखा खाने के बाद यह दिल किसी पर भी यकीन करने से घबराता है।
झूठी हमदर्दी दिखाकर उसने मेरे जख्मों को और भी गहरा कर दिया,
धोखा देकर उसने मेरी जिंदगी में सिर्फ और सिर्फ अंधेरा कर दिया।
झूठ और धोखे की यह फितरत इंसानों को अंदर से खा जाती है,
सच्चाई सामने आने पर फरेब की हर एक दीवार ढह जाती है।
बहुत सलीके से उसने अपनी हर एक झूठी बात को पिरोया था,
धोखे के इस जाल में उसने मुझे बहुत ही गहराई से डुबोया था।
जो कल तक सच की कसमें खाते थे वही आज झूठ के गुलाम हैं,
धोखा देना ही अब उनकी जिंदगी का सबसे पहला और आखिरी काम है।
झूठे लोगों की इस महफिल में अब मेरा दम घुटने सा लगा है,
धोखा खाने के बाद मेरा यह मन दुनिया से पूरी तरह उचटने लगा है।
झूठ के सहारे जीती गई बाजी भी हार के ही बराबर होती है,
धोखा देने वाले की आत्मा भी तन्हाई में बहुत बुरी तरह रोती है।
तुम्हारे हर एक झूठ ने मुझे धोखा सहने की एक नई ताकत दी है,
इस फरेबी दुनिया को समझने की मुझे एक बहुत बड़ी राहत दी है।
Peeth Peeche Dhoka Shayari (पीठ पीछे धोखा शायरी)
सामने मीठी-मीठी बातें करने वाले अक्सर पीठ पीछे वार करते हैं। ऐसे गद्दार लोगों के लिए खास तौर पर लिखी गई शायरी:
सामने मीठी बातें और पीठ पीछे वो खंजर से वार करते हैं,
आजकल के लोग कुछ इसी फरेबी तरह से ही प्यार करते हैं।
पीठ पीछे धोखा देने वालों की फितरत कभी भी बदलती नहीं है,
उनकी यह गद्दारी किसी भी सच्चे दिल से कभी संभलती नहीं है।
जो सामने अपनापन जताकर पीठ पीछे वार करने की ताक में रहते हैं,
वही लोग असल में दुनिया के सबसे बड़े और घटिया धोखेबाज कहलाते हैं।
पीठ पीछे खंजर घोंपने वालों से कभी भी वफ़ा की उम्मीद मत रखना,
ऐसे गद्दारों के लिए अपने दिल में कभी कोई भी नरम जगह मत रखना।
सामने तारीफ और पीठ पीछे बुराई करना उनका सबसे पुराना पेशा है,
धोखा देने वालों का यह दुनिया में हमेशा से ही चलता आया अंदेशा है।
गैरों से क्या डरे जब पीठ पीछे अपनों ने ही वार कर दिया हो,
हमारी सच्ची वफादारी को धोखे से तार-तार कर दिया हो।
पीठ पीछे धोखा खाने का दर्द सीने में सबसे गहरा उतरता है,
यह दिल फिर किसी पर भी आसानी से यकीन करने से बहुत डरता है।
सामने से जो दोस्त बनकर तुम्हारे हर एक राज जान लेते हैं,
वही पीठ पीछे धोखा देकर तुम्हारी सारी खुशियां छीन लेते हैं।
गद्दारों की इस महफिल में पीठ पीछे वार करना एक आम बात है,
धोखे की यह साजिशें उनकी जिंदगी की सबसे काली और गंदी रात है।
हमने तो दुश्मनों से भी सामने से ही हमेशा वार करना सीखा है,
पर अपनों ने पीठ पीछे धोखा देकर हमें बहुत बड़ा सबक सिखाया है।
पीठ पीछे वार करने वाले कभी भी किसी के सच्चे सगे नहीं होते,
उनके दिए हुए धोखे कभी भी किसी मरहम से पगे नहीं होते।
सामने मुस्कुराकर जो लोग पीठ पीछे तुम्हारी जड़ें काटते हैं,
वही धोखेबाज इंसान तन्हाई में अपना दर्द किसी से नहीं बांटते हैं।
पीठ पीछे धोखा देना उन लोगों की निशानी है जो कमजोर होते हैं,
सामने से लड़ने की हिम्मत न हो तो वो ऐसे ही फरेबी वार करते हैं।
ऐसे मतलबी लोगों से हमेशा दूरी बनाए रखना जो पीठ पीछे बोलते हैं,
धोखे का जहर वो अपनी मीठी बातों के सहारे ही हर रिश्ते में घोलते हैं।
पीठ पीछे वार करने की तुम्हारी यह आदत तुम्हें ले डूबेगी एक दिन,
धोखे का यह काला साया तुम्हें रुलाएगा तन्हाई में एक दिन।
Dhoka Shayari on Life (जिंदगी में धोखा शायरी)
जिंदगी जब इम्तिहान लेती है, तो कई बार हालात और लोग दोनों धोखा दे जाते हैं। जिंदगी के इस कड़वे सच पर शायरी:
जिंदगी ने हर एक मोड़ और कदम पर बस हमें धोखा ही दिया है,
हमने भी गम का यह कड़वा ज़हर हंसकर ही इस दुनिया में पिया है।
जिंदगी की राहों में धोखे के सिवा हमें कुछ भी हासिल नहीं हुआ,
हम दर्द सहते रहे पर हमारा यह सफर कभी भी मुकम्मल नहीं हुआ।
तकदीर ने भी क्या अजीब सा फरेबी मजाक किया है हमारी जिंदगी से,
खुशियों की उम्मीद थी और वास्ता हो गया सिर्फ धोखे और उदासी से।
जिंदगी की इस किताब का हर एक पन्ना आंसुओं और धोखे से भीगा है,
मैंने इस लंबे सफर में सिर्फ और सिर्फ तन्हा रहकर दर्द सहना सीखा है।
थका दिया है इस जिंदगी ने मुझे इन मायूस और धोखे भरी राहों पर चलाकर,
अब सुकून चाहता हूं मैं खुद को इस फरेबी दुनिया से मिटाकर।
जिंदगी में धोखे की शाम कभी भी आसानी से ढलने का नाम ही नहीं लेती,
मेरी मायूस आंखों को अब कोई नई उम्मीद कहीं से भी दिखाई नहीं देती।
हर कदम पर जिंदगी ने अपनों के जरिए एक नया और गहरा धोखा दिया है,
इस उदास जिंदगी का मैंने हंसकर हर एक फरेबी और कड़वा जहर पिया है।
ना जाने कौन सी पुरानी खता की खौफनाक सजा दे रही है मुझे यह जिंदगी,
धोखे के सिवा कुछ नहीं बचा है मेरी इस खामोश और वीरान बंदगी में।
जिंदगी के इस फरेबी खेल में मैं खुद से ही बुरी तरह हार कर टूट गया हूं,
धोखे और आंसुओं के इस भारी समंदर के पूरी तरह से पार गया हूं।
कोई उम्मीद की किरण अब नजर नहीं आती इस वीरान और धोखेबाज जिंदगी में,
मैं रोज खुद को खो रहा हूं इस दुनिया की झूठी और फरेबी बंदगी में।
जिंदगी का बोझ अब मेरे धोखा खाए कमजोर कंधों से उठाया नहीं जाता,
मुझसे अब यह झूठी हंसी का दिखावा दुनिया के सामने रोज निभाया नहीं जाता।
धोखे की आंधी ने मेरी जिंदगी का सारा हसीन आशियाना ही उजाड़ दिया,
मेरी हंसती-खेलती किस्मत को एक पल में ही फरेब से बिगाड़ दिया।
जिंदगी से अब किसी भी तरह की कोई खास शिकायत नहीं है मुझे,
क्योंकि अब धोखा सहने की एक बहुत गहरी सी आदत हो गई है मुझे।
जिंदगी एक सफर है जिसमें सिर्फ अकेलेपन और धोखे का ही साया है,
मैंने इस पूरी फानी उम्र में बस आंसुओं और फरेब की दौलत को ही कमाया है।
खुदा से बस एक ही दुआ है कि अब यह धोखे भरी जिंदगी खत्म कर दे,
मेरे इस दर्द और तन्हाई के खौफनाक सफर को अब हमेशा के लिए मुकम्मल कर दे।
Dhokebaaz Shayari (धोखेबाज शायरी)
धोखेबाज इंसानों की फितरत कभी नहीं बदलती। उनके इस घिनौने चेहरे को बेनकाब करती हुई ये दमदार शायरियां पढ़ें:
धोखेबाजों की इस घनी बस्ती में हम हमेशा वफ़ा ढूंढते रहे,
वो खंजर चलाते रहे और हम नादान उन्हें खुदा मानते रहे।
धोखेबाज लोगों का कोई भी ईमान या अपना सच्चा धर्म नहीं होता,
उनके फरेबी दिल में अपनों के लिए कोई भी रहम या कर्म नहीं होता।
शराफत का नकाब पहनकर जो धोखेबाज दिल में उतर जाते हैं,
वही लोग वक्त आने पर सबसे ज्यादा दर्द देकर मुकर जाते हैं।
धोखेबाज की मीठी बातों में आकर हमने अपना सब कुछ लुटा दिया,
उसने तो पल भर में हमारे सच्चे प्यार को ही हमेशा के लिए मिटा दिया।
ऐसे धोखेबाजों से खुदा हर किसी को हमेशा महफूज रखे,
जो सामने दोस्त बनकर पीछे से दुश्मनों सा सलूक रखे।
धोखेबाज इंसान कभी भी किसी का सच्चा और अपना नहीं हो सकता,
उसके फरेबी दिल में कोई भी निश्छल और पावन बीज नहीं बो सकता।
हमारी वफादारी को उस धोखेबाज ने हमारी कमजोरी समझ लिया,
हमारे सच्चे आंसुओं को उसने सिर्फ पानी की एक कटोरी समझ लिया।
धोखेबाजों पर यकीन करना जिंदगी की सबसे बड़ी और भारी भूल है,
उनके हर एक वादे और कसमें सिर्फ और सिर्फ उड़ती हुई धूल है।
बहुत सलीके से उस धोखेबाज ने मेरी जिंदगी को तबाह कर दिया,
हंसते-खेलते इंसान को उसने दर्द की राहों का एक मल्लाह कर दिया।
धोखेबाज लोगों की फितरत अक्सर सांपों से भी ज्यादा जहरीली होती है,
उनकी दी हुई हर एक तकलीफ रूह को बहुत ही ज्यादा सताती है।
अब धोखेबाजों की किसी भी बात पर मुझे रत्ती भर भी ऐतबार नहीं होता,
मेरा यह टूटा हुआ दिल अब किसी के भी झूठे प्यार का शिकार नहीं होता।
धोखेबाज को उसकी गलती का अहसास कभी भी नहीं होता है,
वो तो बस अपने फरेब के जाल में नए शिकार को रोज संजोता है।
हमने तो धोखेबाजों को भी अपनी दुआओं में हमेशा शामिल रखा था,
पर उन्होंने तो हमें रुलाने का इरादा बहुत पहले से ही बना रखा था।
धोखेबाज इंसान के चेहरे पर कभी भी सुकून की चमक नहीं होती,
उसकी झूठी हंसी में कोई भी सच्चाई की धमक नहीं होती।
धोखेबाजों से दूर रहना ही अब मेरी जिंदगी का सबसे पहला उसूल है,
ऐसे फरेबी लोगों के लिए मेरे दिल में अब सिर्फ और सिर्फ धूल है।
Apne Se Dhoka Shayari (अपनों से धोखा शायरी)
जब गैरों की जगह अपने ही धोखा दे जाएं, तो वो दर्द रूह तक पहुंच जाता है। अपनों की बेरुखी पर ये शायरियां:
गैरों से क्या शिकायत करें जब अपने ही इस फरेबी महफिल में मुकर गए,
जिन्हें दिल में बसाया था वही हमें खंजर मार कर बहुत दूर निकल गए।
बहुत तकलीफ होती है जब अपने ही लोग जानबूझकर धोखा देते हैं,
दिल के गहरे समंदर में दर्द के भंवर बेदर्दी से उठने लगते हैं।
हमने तो अपनों को हमेशा दिल के सबसे ज्यादा करीब रखा था,
पर उन्होंने तो हमें अपनी जिंदगी से बेदखल करने का इरादा रखा था।
जब अपने धोखा देते हैं तो कोई भी वजह या कारण नहीं बताते,
वो बस खामोशी से आपकी जिंदगी से हमेशा के लिए दूर चले जाते।
अपनों के धोखे का दर्द सहा भी नहीं जाता और किसी से कहा भी नहीं जाता,
और उनसे खफा होकर इस जालिम दुनिया में रहा भी नहीं जाता।
जिन्हें हम अपना मानकर हर एक राज बताया करते थे छुप-छुप कर,
आज वही हमें गैर समझकर धोखा दिया करते हैं बहुत रुक-रुक कर।
अपनों का दिया हुआ धोखा सीधा इंसान की रूह पर वार करता है,
यह दिल अपनों से ही जिंदगी में बार-बार फरेब और मार खाता है।
जब अपने बदलते हैं तो यह दुनिया बिल्कुल बेगानी सी लगने लगती है,
उनकी दी हुई धोखे की चोट जिंदगी को बहुत भारी लगने लगती है।
अपनों ने हमें इस कदर धोखे की दलदल में उतारना शुरू कर दिया,
कि हमने भी खुद को इंसानों की महफिलों से दूर करना शुरू कर दिया।
शिकायत किससे करें जब धोखा और दर्द देने वाले अपने ही हों,
गद्दारी करने वाले वो सारे हसीन रिश्ते-नाते और सपने अपने ही हों।
अपनों के धोखे ने मुझे जिंदगी में एक बहुत बड़ी बात सिखा दी है,
कि इस दुनिया में कभी किसी से सच्ची उम्मीद मत रखना बता दी है।
जिनसे हमें सबसे ज्यादा प्यार और अपनेपन की पक्की उम्मीद थी,
उन्हीं अपनों ने हमें सबसे ज्यादा धोखा देकर हमारी दुनिया लूट ली।
अपने जब फरेबी होते हैं तो जिंदगी भर का भारी दर्द दे जाते हैं,
धोखा देकर वो सारे हसीन और प्यारे रिश्ते पल भर में तोड़ जाते हैं।
हमने अपनों के लिए अपनी सारी खुशियां हंसकर कुर्बान कर दीं,
पर उन्होंने हमें धोखा देकर हमारी अहमियत ही हमेशा के लिए मिटा दी।
अपनों के धोखा देने पर इंसान अंदर से पूरी तरह टूट कर बिखर जाता है,
वो हंसता तो है पर अंदर ही अंदर वो अपनी खामोशी में बहुत रोता है।
Final Word
धोखा (Betrayal) जिंदगी का वो कड़वा सच है जिससे लगभग हर इंसान को कभी न कभी गुजरना ही पड़ता है। चाहे वो प्यार में मिला धोखा हो या अपनों की गद्दारी, यह दर्द इंसान को अंदर से खामोश कर देता है। इस ब्लॉग पोस्ट Best Dhoka Shayari in Hindi के जरिए हमने आपके सीने में दबे उसी फरेब और धोखे के दर्द को सही शब्द देने की कोशिश की है।
इस पोस्ट में शामिल 195+ 2-लाइन शायरियां (Matlabi Rishte, Pyar Me Dhoka, Jhooth Aur Dhoka) आपको अपने जज्बात बयां करने में जरूर मदद करेंगी। अगर आपको यह दर्द भरा और इमोशनल कलेक्शन पसंद आया हो, तो इसे उन लोगों के साथ जरूर शेयर करें जिन्हें इस वक्त धोखे का दर्द सहने के लिए शब्दों के मरहम की जरूरत है।